Sunday , February 24 2019
Loading...
Breaking News

मौसम में बहुत तेजी से परिवर्तन आने की संभावना, तेजी से पिघल रही हैं बर्फ

ग्रीनलैंड  अंटर्काटिका की बर्फ की परतें तेजी से पिघल रही हैं  इनसे अरबों टन पानी विश्व के महासागरों में जाकर मिल रहा है शोधकर्ताओं का कहना है कि इससे अगले कुछ ही दशकों में क्षेत्रीय जलवायु अस्थिर होने के साथ ही मौसम में बहुत तेजी से परिवर्तन आने की संभावना है

नेचर जर्नल में प्रकाशित हुई रिपोर्ट
शोधकर्ताओं ने ‘नेचर’ जर्नल में प्रकाशित अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि बर्फ की इन विशाल परतों के पिघलने  खासतौर से ग्रीनलैंड के उंचाई वाले हिस्सों की बर्फ के पिघलने से महासागरों का प्रवाह निर्बल पड़ेगा जो कि ठंडे पानी को अटलांटिक महासागर के साथ ही दक्षिण की ओर प्रवाहित करता है इसके साथ ही यह उष्णकटिबंधीय पानी को सतह के करीब उत्तर की ओर प्रवाहित करता है

बदलेगा सारी संसार का तापमान
अटलांटिक मेरिडियोनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (एएमओसी) के नाम से पहचानी जाने वाली यह तरल कन्वेयर बेल्ट धरती की जलवायु तंत्र में एक जरूरी किरदार अदा करती है साथ ही यह सुनिश्चित करने में मदद करती है कि उत्तरी गोलार्द्ध में कुछ गर्माहट रहे न्यूजीलैंड की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी ऑफ वेलिंग्टन के सह-प्राध्यापक निकोलस गोलेज ने बताया, हमारे मॉडल के अनुसार, यह पिघली हुई बर्फ का पानी महासागरों के प्रवाह में बड़ी बाधा पैदा कर सकता है  इसके साथ ही इससे विश्वभर में तापमान के स्तर में परिवर्तन आ जाएगा ’’

गर्म की सतह आएगी नीचे
अंटार्कटिका की बर्फ की इन परतों के पिघलने से गर्म पानी सतह के नीचे आ जाएगा, इससे ग्लेशियर के निचले हिस्से का क्षरण होने लगेगा  इससे बर्फ के पिघलने की प्रक्रिया तेज होगी  था समुद्र का जलस्तर बढ़ जाएगा

किस प्रकार करेगा जलवायु तंत्र को प्रभावित
बर्फ की परतों के बारे में अधिकांश अध्ययन इस बात पर केंद्रित रहे हैं कि जलवायु बदलाव के कारण वे कितने जल्दी पिघलेंगी  उनके विखंडन से वैश्विक तापमान में कितनी बढ़ोतरी होगी  क्या इस प्रक्रिया में सदियां लगेंगी या सहस्राब्दि का वक्त लगेगा लेकिन इस बारे में बहुत कम अध्ययन हुआ है कि बर्फ पिघलने से निकला पानी स्वयं किस प्रकार से जलवायु तंत्र को प्रभावित कर सकता है

इन इलाकों में बढ़ेगा तापमान
शोधकर्ताओं का कहना है कि अटलांटिक का प्रवाह निर्बल पड़ने का एक परिणाम यह होगा कि आर्कटिक के ऊंचे इलाकों, पूर्वी कनाडा  मध्य अमेरिका में हवा का तापमान बढ़ जाएगा, उत्तर पश्विमी यूरोप  उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तटीय इलाकों के ऊपर तापमान कम रहेगा ग्रीनलैंड  अंटार्कटिक में बर्फ की परत तीन किलोमीटर तक मोटी है  इसमें धरती के दो तिहाई से अधिक ताजा जल है अगर ये परतें पूरी तरह पिघल जाएं तो इतना पानी विश्व के महासागरों के जलस्तर को 58 एवं सात मीटर तक बढ़ा सकता है

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *