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पिता ने 10 हजार में बेटी को बेचा, 5 वर्ष में 16 लोगों ने बनाया दरिंदगी का शिकार

पुलिस की अनदेखी से आहत होकर खुद को आग लगाकर दिल्ली के एक व्यक्तिगत अस्पताल में जिंदगी  मृत्यु से जूझ रही हापुड़ गैंगरेप पीड़िता की कहानी किसी के भी रौंगटे खड़े कर देने वाली है दिल्ली महिला आयोग द्वारा मुद्दे का संज्ञान लिए जाने के बाद पुलिस ने एफआईआर पंजीकृत की है एफआईआर के मुताबिक पीड़िता के साथ 5 वर्ष में 16 लोगों ने बलात्कार किया इतना ही नहीं एक रेपिस्ट से उसे बच्चा भी पैदा हुआ

 

पीड़िता के साथ यातनाओं की आरंभ 2011 में हुई जब उसके पिता  चाची ने उसे महज 10 हजार में बेच दिया खरीदने वाले ने बाद में उससे विवाह कर ली 2014 के बाद से उसके साथ जो यौन प्रताड़ना का दुआर प्रारम्भ हुआ तो वह 28 अप्रैल को उसके द्वारा आत्मदाह के कोशिश के बाद सबके सामने आया

बाबूगढ़ महिला थाने में पंजीकृत एफआईआर के मुताबिक पीड़िता नीलम (बदला हुआ नाम) की विवाह आज से 10 वर्ष पहले उसके पिता ने 14 वर्ष के आयु में हापुड़ के एक अधेड़ से कर दी थी लेकिन विवाह के एक वर्ष बाद जब उसे बेटा पैदा हुआ तो उसके पति ने उसे छोड़ दिया  वह अपने पिता के घर वापस आ गई इसके बाद उसके पिता  चाची ने उसे 10 हजार में एक अन्य आदमी को बेच दिया 2011 में उसने उससे विवाह कर ली

एफआईआर के मुताबिक, ” दूसरी विवाह से भी मुझे एक बेटा हुआ लेकिन मेरे साथ यातनाओं की आरंभ 2014 में हुई जब मेरे पति अपने मालिक से लिए हुए लोनको 10 फीसदी ब्याज के साथ चुकाने में असमर्थ हो गए हमारे परिवार की आर्थिक तंगी का लाभ उठाते हुए उसने मेरे साथ बलात्कार किया  बार-बार किया साथ ही धमकी भी दी की अगर मुंह खोला तो उसे गांव में बदनाम कर देगा बलात्कार के बाद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दिया ”

शिकायत के मुताबिक उसने अपने साथ हुई बलात्कार की बात को पति को भी बतायी लेकिन उसने शांत रहने को बोला  दूसरी स्थान मजदूरी करने लगा

एफआईआर में उसने 2016 में शामू नामक आदमी द्वारा उसके साथ बलात्कार करने की बात भी कही गई है घर में अकेला देखकर शामू ने उसके साथ बलात्कारकिया इसके बाद 2017 में उसके साथ 14 लोगों ने भिन्न-भिन्न समय में उसके साथ बलात्कार किया आरोपियों के नाम भी एफआईआर में लिखा हैं ये हैं गुड्डू, मधु, गुरमीत, रामू, अनुज, गोपाल, डॉ सुभाष, डॉ प्रवीण, अरुण, सौरभ नागीनु, केदार  उसका एक साथी

नीलम ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि पुराने  वर्तमान एसएचओ मुकेश  राजेश भारती ने उसकी शिकायतों को नजरंदाज किया यहां तक कि उसने सीएम हेल्पलाइन नंबर पर भी शिकायत की लेकिन कोई मदद नहीं मिली नीलम के मुताबिक उसका पति प्रमोद सब कुछ जानता था, लेकिन उसने कुछ भी नहीं बोला  शांत रहा लेकिन एक भंडारे में कार्य करने के दौरान मैं एक आदमी से मिली  फिर उसे पूरी बात बतायी उसने मेरी मदद की बात कही लेकिन आरोपी हम दोनों के जान से मारने की धमकी देने लगे इसके बाद हम दोनों ने गांव छोड़ दिया  नवंबर 2018 में मुरादाबाद आकर साथ ही रहने लगे लेकिन यहां भी आरोपी मुझे फोन कर गलियां देते  जान से मारने की धमकी देते थे उन गलियों  धमकियों से तंग आकर 28 अप्रैल को मैंने खुद को ख़त्म करने की ठान ली

बाबूगढ़ के एसएचओ राजेश भारती ने बताया कि मुद्दे में एफआईआर पंजीकृत कर ली गई है  जाँच की प्रक्रिया जारी है उधर गांव वाले पीड़िता के आरोपों को नकार रहे हैं उसके दूसरे पति का बोलना है कि विवाह के बाद से ही छोटी-छोटी बात पर वह पुलिस को बुला लेती थी इस बार उसने इतना गंभीर आरोप इसलिए लगाया है क्योंकि अब उसके पास कोई कहीं जाने का रास्ता नहीं बचा था

इस बीच अब राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस के डीजीपी को लेटर लिखकर रिपोर्ट मांगी है

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